
ECI Action: पश्चिम बंगाल में आने वाले दिनों विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है। इससे पहले ममता बनर्जी के अफसरों पर चुनाव आयोग का डंडा चला है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 7 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अब इस पर बिहार सरकार में मंत्री मंगल पांडे की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने उन पर ममता बनर्जी के अधिकारी के रूप में काम करने का आरोप लगाया है।
मंगल पांडे ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल के जो अधिकारी हैं वे पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारी कम, ममता बनर्जी और TMC के अधिकारी के रूप में काम करते हुए ज्यादा दिखाई पड़ते हैं। यह उन अधिकारियों के लिए संकेत और संदेश है जो चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन न करके TMC और ममता बनर्जी के आदेश और निर्देश का पालन करते हैं।’
‘पश्चिम बंगाल के अधिकारी संभल जाए, नहीं तो…’
उन्होंने आगे कहा, ‘चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए। सभी मतदाताओं को विश्वास और भरोसे में लेकर कम होना चाहिए। इस काम में पश्चिम बंगाल की सरकार और उनके अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे हैं, मुझे लगता है इसी का परिणाम है कि चुनाव आयोग ने इन अधिकारियों पर कार्रवाई की है। आगे आने वाले समय में पश्चिम बंगाल के अधिकारी संभल जाए, नहीं तो चुनाव आयोग को ऐसे ही कड़े निर्णय लेने पड़ेंगे।’
ममता बनर्जी जा रही और भाजपा आ रही- योगेंद्र
वहीं भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा, ‘बंगाल में कुछ हो सकता है ममता बनर्जी कितनी जमीन तक धंस सकती हैं और वहां की पुलिस और प्रशासन पंगु हुआ है। उनको समझ लेना चाहिए ममता बनर्जी जा रही हैं और भाजपा आ रही है… SIR ठीक तरीके से हो और अधिकारी कानून के तहत काम करें…अधिकारी दबाव में काम करेंगे तो ममता बनर्जी के जाने के बाद उन्हें दिक्कत होगी।’
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में सात अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड किए गए अधिकारियों में डॉ. सेफौर रहमान, नीतीश दास, दलिया रे चौधरी, एसके मुर्शिद आलम, सत्यजीत दास, देबाशीष बिस्वास, जॉयदीप कुंडू शामिल हैं। आयोग ने इन पर गंभीर कदाचार, ड्यूटी में लापरवाही और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोसेस के संबंध में कानूनी शक्तियों के गलत इस्तेमाल के आरोप लगाए हैं।
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को सस्पेंड किए गए अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी बिना देरी के उपलब्ध कराई जाए।