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बिहार की बिजली व्यवस्था को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य की दोनों बिजली वितरण कंपनियों- नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने देशभर में शानदार प्रदर्शन किया है। केंद्र सरकार के बिजली मंत्रालय की ओर से जारी पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन की ताजा रेटिंग रिपोर्ट में दोनों कंपनियों को ‘A’ ग्रेड मिला है। इस रिपोर्ट में देश की 65 बिजली वितरण कंपनियों का आकलन किया गया था। इसमें देखा गया कि कौन सी कंपनी कितनी अच्छी तरह से बिलिंग कर रही है, कितनी वसूली हो रही है, लाइन लॉस कितना है, खर्च और कमाई में कितना फर्क है और सिस्टम कितना पारदर्शी है। इन्हीं सब पैमानों पर बिहार की दोनों कंपनियां खरी उतरीं। ऊर्जा मंत्री बोले- अब A+ की तैयारी इस उपलब्धि पर ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने खुशी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिजली व्यवस्था लगातार बेहतर हो रही है। लोगों को पहले से ज्यादा बेहतर और लगातार बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य है कि आने वाले समय में बिहार की दोनों कंपनियां A+ रेटिंग हासिल करें। ऊर्जा सचिव ने बताया- मेहनत का नतीजा ऊर्जा सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के CMD मनोज कुमार सिंह ने कहा कि ये रेटिंग अचानक नहीं मिली है। इसके पीछे लगातार मेहनत, सिस्टम में सुधार, ऑनलाइन व्यवस्था, बेहतर बिलिंग और उपभोक्ताओं की शिकायतों पर तेजी से काम करने का नतीजा है। उन्होंने कहा कि आगे भी बिजली सप्लाई को और भरोसेमंद बनाने और सिस्टम को और दुरुस्त करने पर काम चलता रहेगा। नॉर्थ बिहार कंपनी ने मारी बाजी नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने 100 में से 82 नंबर हासिल किए हैं। पूरे देश में इसका 13वां स्थान आया है और सरकारी कंपनियों में 7वां स्थान मिला है। खास बात ये है कि पिछली बार इस कंपनी को ‘B’ ग्रेड मिला था, और इस बार सीधे ‘A’ ग्रेड में पहुंच गई। बिलिंग और वसूली में सुधार, लाइन लॉस कम करना और खर्च पर कंट्रोल इसका बड़ा कारण रहा। साउथ बिहार कंपनी ने भी लगाई छलांग साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। इसे 67 नंबर मिले हैं और देशभर में इसका 20वां स्थान रहा है। सरकारी कंपनियों में यह 12वें नंबर पर रही। पिछली बार इसे ‘B-’ ग्रेड मिला था, लेकिन इस बार यह भी ‘A’ ग्रेड में पहुंच गई। वसूली बेहतर हुई, सिस्टम में कसावट आई और खर्च-कमाई का फर्क भी काफी कम हुआ। 65 कंपनियों में हुआ मुकाबला पीएफसी की इस रिपोर्ट में पूरे देश की 65 बिजली कंपनियों को परखा गया था। इस आधार पर बिहार की दोनों कंपनियों को “बहुत अच्छा वित्तीय और कामकाज का प्रदर्शन” वाली कैटेगरी में रखा गया है।
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