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‘मैं नल जल योजना के तहत कुछ दिखाना चाहती हूं। हमारे यहां जब से नल जल योजना का यह प्लांट लगा, तब से न यह प्लांट चालू हुआ और न कुछ हुआ है। इस टंकी में पानी है भी या नहीं, पता नहीं, किसी को कुछ नहीं पता है। न यहां बिजली का कनेक्शन पहुंचाया गया है और न कोई बात की गई है। बिहार सरकार की ओर से यह नल जल योजना बनाया गया था, जिससे हर घर में पानी हो। लेकिन यहां भी किसी घर में कुछ नहीं है। मैं अपने जिलाधिकारी महोदय से गुहार लगाती हूं कि इस नल जल योजना की शुरुआत किया जाए। प्लीज मैं फिर से रिक्वेस्ट करती हूं कि इस नल जल योजना को चालू करवा दें। अगर आप नल जल योजना चालू करवाते हैं तो यह बहुत खुशी की बात है। क्योंकि यह बेकार हो गया है, ऐसे में मोटर सहित सब कुछ खराब हो जाएगा।’ बेगूसराय में सातवीं क्लास में पढ़ने वाली आस्था भारद्वाज वीडियो में ये कहती हुई नजर आ रही हैं। बच्ची का 1 मिनट 27 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वो बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना हर घर नल का जल पहुंचाने के दावों की पोल खोल रही है। वीडियो में देख सकते है कि बच्ची ने लकड़ी से माइक बनाया है और पानी प्लांट के पास लड़की एंकरिंग करते हुए नजर आ रही है। 65 लाख रुपए की लागत से योजना को स्वीकृति पूरा मामला बिहट नगर परिषद के वार्ड नंबर-12 मसनदपुर मोहल्ले का है। मसनदपुर मोहल्ले में 65 लाख रुपए की लागत से साल 2020-21 में नल जल योजना लगाने की स्वीकृति मिली। इसके पंप हाउस के लिए कहीं जगह नहीं मिल रही थी। स्थानीय लोगों के प्रयास से स्वर्गीय नारायण सिंह के बेटे कन्हैया कुमार सिंह ने अपनी जमीन दे दी। उस समय कहा गया था कि आपके जमीन पर यह पानी प्लांट लगेगा, आप इसमें संचालक और गार्ड की नौकरी करेंगे, इसके लिए 7 हजार रुपए महीना दिया जाएगा। इस प्लांट से 266 घरों में स्वच्छ पेयजल पहुंचेगा। प्लांट लगना शुरू हुआ तो कन्हैया सिंह और मोहल्ले के लोग काफी खुश हुए। मोहल्ले में पाइप बिछाकर करीब डेढ़ सौ घरों में कनेक्शन दे दिए गए। करीब 6 महीने के अंदर प्लांट लगाने सहित सभी काम पूरा हो गया, तो लोगों में आशा जगी की अब हम लोगों को स्वच्छ पानी मिलेगा और हम सब बीमारी से मुक्त हो जाएंगे। बिजली का कनेक्शन नहीं किया निर्माण काम पूरा होने के बाद बिजली का स्थायी कनेक्शन नहीं किया गया। तात्कालिक रूप से तार लगाकर दो दिन ट्रायल किया गया। दोनों दिन पाइप में लीकेज रहने के कारण कुछ देर में ही उसे बंद कर दिया गया। आज तक यह प्लांट फिर चालू नहीं हो सका। लोगों के घर में लगाए गए प्लास्टिक के नल टूट गए, पाइप फूट गया। पानी प्लांट के लिए लगाए गए फिल्टर सहित अन्य मशीनों में जंग लग रहा है। जिसके कारण लोग परेशान हैं और मजबूरी में खरीद कर पानी पी रहे हैं। कुछ लोग आज भी कुआं का पानी पीने को मजबूर हैं। लोगों ने इसके लिए कई बार बिहट नगर परिषद सहित अन्य अधिकारियों से गुहार भी लगाई है। 5 साल बाद भी नहीं शुरू हुआ प्लांट जमीन मालिक और संचालक गार्ड कन्हैया कुमार सिंह ने इसके लिए अधिकारियों के पास गुहार लगाई, तो नगर परिषद के अधिकारियों ने कहा कि ठेकेदार का काम है। ठेकेदार से संपर्क किया गया, तो उसने कहा अधिकारियों का काम है, इसमें हम कुछ नहीं कर सकते और इसी चक्कर में आज 5 साल बाद भी यह पानी प्लांट शुरू नहीं हो सका। लोग नल का जल पीने के बदले अन्य जगह से पानी पीने को मजबूर हैं। बता दें कि यहां से मात्र 50 मीटर की दूरी पर बिजली विभाग का स्थायी पोल और कनेक्शन आया हुआ है। जमीन डोनेट करने वाले कन्हैया कुमार सिंह कहते हैं कि कहा गया था कि 7000 मंथली देंगे, जमीन दे दीजिए हम जमीन दे दीजिए। 2020-21 में प्लांट बनकर तैयार हो गया। लेकिन न तो आज तक प्लांट चालू हुआ और न आज तक एक बार भी मुझे पैसा मिला। चालू करना तो दूर आज तक कोई देखने तक नहीं आए। एक दिन भी टंकी नहीं चला स्थानीय हेमंत कुमार कहते हैं कि यह बिहार के प्रथम सिंचाई मंत्री रामचरित्र सिंह की धरती है। यह चर्चित नेता डॉ. कन्हैया कुमार की जन्म भूमि और कर्मभूमि दोनों है। बिहार सरकार की योजना थी कि नल जल योजना से स्वच्छ पानी मिलेगा। लेकिन आज तक एक दिन भी टंकी नहीं चला। नगर परिषद प्रबंधन की लापरवाही से आज तक चालू नहीं हुआ है। सम्राट चौधरी ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि बेगूसराय जिला कैंसर का हब बन चुका है, जिसका कारण पानी है। लेकिन आज तक हम लोगों को स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा है। धरातल पर काम नहीं हुआ, कागज पर सरकार का काम हो गया। सरकार कह रही है कि धरातल पर काम कर रही है, लेकिन कागज पर हो रहा है। अगर धरातल पर काम होता तो यह मशीन बंद नहीं रहता। 50 मीटर की दूरी पर बिजली का पोल, फिर भी कनेक्शन नहीं 266 घरों में कनेक्शन लगाना था, लगभग आधे घर में कनेक्शन लगा। बिजली का भी कनेक्शन नहीं किया गया। जबकि 50 मीटर की दूरी पर बिजली का स्थायी पोल लगा हुआ है। अगर कनेक्शन करने की इच्छा होती, तो कब का कनेक्शन हो गया होता। यहां घपला था तो कनेक्शन कैसे होता। इसकी पूरी जानकारी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को थी। नगर विकास विभाग और सरकार दोषी है। सरकार पटना में बैठी बड़ी-बड़ी बातें कर रही है। लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है यह तो बताना चाहिए। आखिर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी क्यों नहीं देखते हैं कि कहां नल जल से सप्लाई हो रही है, कहां नहीं हो रही है। मुख्य पार्षद को भी इससे कोई मतलब नहीं है, आखिर उन्होंने क्यों नहीं चालू करवाया, आज तक कोई देखने भी नहीं आए। कागज पर पानी चल रहा होगा। हमारे गांव की बेटी आस्था ने यह वीडियो बनाया जो आज काफी चर्चित हो गया है। उम्मीद है कि इस पर नजर पड़ेगी। दोषी कार्रवाई होनी चाहिए, अधिकारी को सस्पेंड किया जाना चाहिए, पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। कनेक्शन का नहीं लगना दुर्भाग्य की बात बिहट नगर परिषद के उप मुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार का कहना है कि जानकारी मिली है। स्थल निरीक्षण कर जल्द से शुरू करवाया जाएगा। अब तक वहां बिजली का कनेक्शन नहीं लगा, यह दुर्भाग्य की बात है। हम लोगों की नजर नहीं गई, इसका मुझे खेद है। मामला संज्ञान में आया है, तुरंत कार्रवाई होगी। 5 साल पहले की योजना है। योजना पर कैसे काम किया गया, यह जांच का विषय है और जांच कराई जाएगी।
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