
22 जनवरी, 2024 को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इस ऐतिहासिक घटना ने सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं बढ़ाया, बल्कि अयोध्या की पूरी अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दे दी। भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) लखनऊ की एक हालिया केस स्टडी में इसका खुलासा हुआ है। इसमें मंदिर बनने से पहले और बाद की स्थिति की तुलना की गई है।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या मुख्य रूप से एक पवित्र तीर्थ स्थान के रूप में जानी जाती थी। यहां पर्यटकों की संख्या सीमित थी, रोजगार के अवसर कम थे और आर्थिक गतिविधियां धीमी चलती थीं। रियल एस्टेट और व्यापार में ज्यादा तेजी नहीं थी। प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। हर रोज औसतन 2 लाख से ज्यादा श्रद्धालु यहां आते हैं। इससे पर्यटन, होटल, परिवहन, निर्माण और सेवा क्षेत्रों में जबरदस्त वृद्धि हुई है।
IIM लखनऊ की इस स्टडी से साफ है कि राम मंदिर अब अयोध्या के लिए एक बड़ा “इकॉनमी इंजन” बन गया है। यह “टेंपल इकॉनमी” का एक शानदार उदाहरण है, जहां आस्था और विकास साथ-साथ चल रहे हैं। अयोध्या अब सिर्फ धार्मिक शहर नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का नया केंद्र बन चुकी है।