
Pappu Yadav news: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की देर रात गिरफ्तारी के बाद तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें पटना के IGIMS अस्पताल से PMCH शिफ्ट किया गया है। यहां पर डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। आज (7 फरवरी) पप्पू यादव को कोर्ट में भी पेश किया जाना है।
पटना पुलिस ने शुक्रवार (6 फरवरी) रात पप्पू यादव को उनके आवास से गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी 31 साल पुराने एक मामले में हुई है। इस दौरान काफी देर तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। पप्पू ने पुलिस अधिकारियों के सिविल ड्रेस में होने और खराब सेहत का हवाला देते हुए गिरफ्तारी का कड़ा विरोध जताया था।
सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तारी के बाद पहले उनको मेडिकल जांच के लिए IGIMS अस्पताल लाया गया था। यहां तबीयत बिगड़ने पर उन्हें PMCH शिफ्ट किया गया। इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पप्पू यादव को स्ट्रेचर पर अस्पताल ले जाते हुए देखा जा सकता है।
इससे पहले पप्पू यादव के निजी सचिव ने दावा किया कि रात भर IGIMS अस्पताल में उनको बेड तक नहीं मुहैया कराया गया। सांसद के फेसबुक अकाउंट से सचिव ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “इलाज के लिए पटना पुलिस ने माननीय सांसद जी को स्ट्रेचर पर रखा। आईजीएमएस में पटना पुलिस उन्हें बेड तक नहीं दिला सकी। ये बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था है।”
शुक्रवार रात जब पटना पुलिस पप्पू यादव को गिरफ्तार करने के लिए उनके आवास पहुंची थी। वहां काफी देर तक ड्रामा चला। पप्पू के समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। सांसद के समर्थकों ने काफी हंगामा और नारेबाजी की। गिरफ्तारी के बाद सांसद पप्पू यादव ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है। पत्रकारों से बात करते हुए सांसद ने कहा, “मुझे नहीं पता कि मेरे साथ क्या होगा।”
मामला 1995 में पटना के एक घर पर कब्जा करने से जुड़ा है, जिसमें राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव किराए पर रहने गए थे। आरोप है कि किराए के घर में उन्होंने पहले अपना दफ्तर खोला, फिर उस पर कब्जा कर लिया। इसे लेकर मकान मालिक ने उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई थी।
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव पुलिस ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के मद्देनजर निर्दलीय सांसद को IGIMS अस्पताल में भर्ती कराया। पटना के SP सिटी भानु प्रताप सिंह ने बताया, “1995 का एक मामला है जो पूर्ववर्ती IPC थी, BNS के स्थान पर उसके तहत 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी, इसके तहत गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा रही है। यह गर्दनीबाग थाने का मामला है। इसमें न्यायालय द्वारा ट्रायल केस चल रहा था जिसमें सांसद को उपस्थित होना था लेकिन वे तय तारीख पर उपस्थित नहीं हुए थे। इस कारण उनकी गिरफ्तारी की जा रही है।”