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कैमूर में फाइलेरिया (हाथीपांव) जैसी विकलांगता पैदा करने वाली बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए सामूहिक दवा सेवन अभियान आज से शुरू हो गया है। सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि यह अभियान 10 फरवरी से 27 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी सेविकाएं घर-घर जाकर पात्र लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं (डीईसी और एल्बेंडाजोल) खिलाएंगी। जिले में लगभग 15 लाख लोगों को इस अभियान के तहत कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी योग्य व्यक्ति दवा का सेवन अवश्य करें डॉ. रजक ने प्रेस वार्ता में बताया कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलती है और यदि समय पर दवा न ली जाए तो हाथ-पैरों में सूजन और स्थायी विकलांगता हो सकती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि सभी योग्य व्यक्ति दवा का सेवन अवश्य करें। यह बीमारी की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका है, जिससे पूरी आबादी में परजीवी का प्रसार रुकेगा और जिला फाइलेरिया मुक्त बन सकेगा। अभियान राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अभियान के तहत, 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी। इनके अलावा, सभी पात्र व्यक्तियों को स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में दवा का सेवन करना अनिवार्य है। यह अभियान राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके तहत बिहार सहित पूरे देश में बड़े पैमाने पर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस बीमारी से समाज को मुक्त करने के लिए लोगों से पूर्ण सहयोग की अपील की है।
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