![]()
औरंगाबाद जिले में विकास कार्यों की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से अलग-अलग विभागों के कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है और लंबित योजनाओं को समय सीमा के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में एक बड़ी सौगात मिली है। जिले में 100 बेड के सावित्रीबाई फुले बालिका छात्रावास के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस छात्रावास के निर्माण पर कुल 4 करोड़ 90 लाख 62 हजार रुपए की लागत आएगी। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की ओर से इस योजना को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। स्वीकृति आदेश के अनुसार यह छात्रावास राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय, औरंगाबाद के परिसर में बनाया जाएगा। यहां पहले से मौजूद जर्जर अनुसूचित जाति कल्याण छात्रावास भवन को तोड़कर नए भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। जिले में लगभग 26 करोड़ रुपए की लागत से पांच मंजिला संयुक्त कार्यालय भवन एवं ग्राउंड फ्लोर के साथ दो मंजिला कोषागार भवन का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा 76 पंचायतों में पंचायत सरकार भवनों का निर्माण भी प्रगति पर है। औरंगाबाद, दाउदनगर, गोह, ओबरा, नबीनगर, मदनपुर और हसपुरा प्रखंड मुख्यालयों में प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन निर्माण को लेकर निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज एवं कृषि महाविद्यालय की स्थापना को लेकर भी प्रक्रिया चल रही है। देव, कुटुंबा एवं मदनपुर प्रखंड में 720 बेडेड डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य जारी है, जबकि नवीनगर में भी इसकी स्वीकृति मिल चुकी है। निर्माण कार्य को लेकर भेजा प्रस्ताव सावित्रीबाई फुले बालिका छात्रावास निर्माण को लेकर कल्याण पदाधिकारी एवं संबंधित अभियंता की ओर से स्थल का निरीक्षण किया गया है। अधिकारियों ने राजकीय कृत अनुग्रह कन्या उच्च विद्यालय, औरंगाबाद के परिसर में उपलब्ध भूमि का जायजा लिया। परिसर में पहले से एक अन्य भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे भूमि की उपलब्धता को लेकर कुछ अड़चन सामने आई है। हालांकि जिला पदाधिकारी के निर्देश पर उपलब्ध भूमि पर ही निर्माण कार्य कराने को लेकर प्रस्ताव भेजा जा रहा है। बालिका शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा इस छात्रावास के निर्माण से बालिका शिक्षा को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आर्थिक रूप से कमजोर एवं गरीब तबके की छात्राएं संसाधनों के अभाव में जिला मुख्यालय में रहकर पढ़ाई नहीं कर पाती हैं। छात्रावास उपलब्ध होने से ऐसी छात्राओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवास मिलेगा, जिससे वे बिना किसी परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी। कन्या उच्च विद्यालय के परिसर में ही छात्रावास बनाए जाने से छात्राओं की सुरक्षा एवं आवागमन की समस्या भी नहीं होगी। कुल मिलाकर सावित्रीबाई फुले बालिका छात्रावास का निर्माण जिले में बालिका शिक्षा को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
Source link