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औरंगाबाद में लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों के कारण नक्सलियों की लेवी वसूली से होने वाली आमदनी लगभग खत्म हो चुकी है। लेवी का स्रोत सूखने के बाद नक्सली अब अवैध अफीम की खेती को अपनी आय का नया जरिया बना रहे हैं। अति नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सली भोले-भाले ग्रामीणों को प्रलोभन देकर या डराकर अफीम की खेती कराने में जुटे हैं, ताकि लेवी के स्थान पर इस अवैध खेती से उन्हें आर्थिक फायदा मिलता रहे। हालांकि सुरक्षा बलों की ओर से लगातार चलाए जा रहे सर्च और एरिया डोमिनेशन अभियान के कारण इस अवैध गतिविधि पर भी शिकंजा कसता जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को अति नक्सल प्रभावित देव प्रखंड अंतर्गत ढिबरा थाना क्षेत्र के बनुआ टोला पक्का पर इलाके में पुलिस और एसएसबी ने कार्रवाई की। एसएसबी और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने जंगली और पहाड़ी इलाके में बड़े पैमाने पर की जा रही अफीम (पोस्ता) की अवैध खेती को नष्ट कर दिया। साथ ही 4 बदमाशों को अरेस्ट किया है। आग लगाकर फसल को किया नष्ट ढिबरा थाना और एसएसबी कैंप भलुआही के संयुक्त अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने लगभग पांच बीघा क्षेत्र में लहलहाती अफीम की फसल को चिह्नित किया। टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक्टर और अन्य उपकरणों की सहायता से पूरी फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया। फसल में आग लगाकर उसे पूरी तरह समाप्त कर दिया गया, ताकि दोबारा इसका उपयोग न किया जा सके।इस दौरान अफीम की खेती में संलिप्त चार लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ढ़िबरा थाना क्षेत्र के बनुआ टोले पक्का पर गांव निवासी प्रेमचंद गिरी राजेन्द्र गिरी, संजीत भुईयां, रविन्द्र भुईयां शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद माननीय न्यायालय में उपस्थापन के लिए भेज दिया गया है। आगे भी जारी रहेगा अभियान ढिबरा थानाध्यक्ष रितेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि सशस्त्र सीमा बल न केवल नक्सल विरोधी अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रही है, बल्कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत भी लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि बनुआ टोला पक्का पर के जंगली और पहाड़ी क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती की जा रही है। सूचना के सत्यापन के बाद बिहार पुलिस और एसएसबी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया गया। पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि नक्सलियों और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
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