Newswahni

औरंगाबाद पहुंचे जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर बोले मैंने पहले ही कहा था साल से ज्यादा मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे नीतीश कुमार…




जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर आज औरंगाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने एक निजी होटल में प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की और बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रशांत किशोर ने कहा है कि मैंने पहले ही कहा था कि नीतीश कुमार 5 साल से ज्यादा मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद जन सुराज के सभी वरिष्ठ साथियों के साथ गांधी आश्रम में एक दिन का उपवास रखा गया था। उस समय यह संकल्प लिया गया था कि बिहार को बदलने के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा। सरकार ने चुनाव के दौरान विकास से जुड़े जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करने के लिए जन सुराज की ओर से छह महीने का समय दिया गया है। मई 2026 में इस अवधि के छह महीने पूरे हो जाएंगे, इसलिए सरकार को अपने सभी वादों को जल्द पूरा करना चाहिए। कार्यकर्ताओं से विचार विमर्श कर तय की जाएगी आगे की राजनीति प्रशांत किशोर ने कहा कि आने वाले दिनों में जन सुराज संगठन का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसके तहत वे बिहार के हर जिले में तीन-तीन दिन बिताकर कार्यकर्ताओं और समर्थकों से सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान चुनाव के दौरान हुई कमियों और गलतियों पर भी चर्चा कर सुधार की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही जन सुराज के नए संगठन की घोषणा की जाएगी। संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनेगी वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक कर वार्ड स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनाई जाएगी।उन्होंने कहा कि बिहार में जल्द ही पंचायती राज चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले 15 अप्रैल तक वे पूरे बिहार का दौरा करेंगे और अपने साथियों से विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि जन सुराज पंचायत चुनाव में दल के आधार पर हिस्सा लेगी या नहीं। चोर दरवाजे से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाना चाहती है भाजपा राजनीतिक सवालों के जवाब में प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा पर कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव से पहले उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि जीत के बाद भी भाजपा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर लंबे समय तक नहीं रहने देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में भाजपा ने नीतीश कुमार को मुखौटे की तरह इस्तेमाल किया और जदयू को आगे रखकर चुनाव लड़ा। पहले डबल इंजन की सरकार की बात कही जाती थी, लेकिन अब भाजपा पीछे से मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश कर रही है। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी बिहार की जनता को भ्रमित करने की राजनीति कर रही है और ऐसा मुख्यमंत्री चाहती है जिसका नियंत्रण बाहर से हो सके। प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के विकास और समृद्धि पर गंभीर चर्चा नहीं हो रही है, जबकि राज्य के कई गंभीर मुद्दे आज भी समाधान की प्रतीक्षा में हैं। उन्होंने सासाराम के चार बच्चों की गुजरात में टंकी साफ करने के दौरान हुई मौत का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है। इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का कोई बयान नहीं आया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। निशांत कुमार के राजनीति में आने की चर्चा पर उन्होंने कहा कि उनका स्वागत है। उन्होंने कहा कि जब किसी नेता का बेटा राजनीति में आता है तो बिहार के हर परिवार को यह सोचना चाहिए कि क्या उनके बच्चों को भी समान अवसर मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं को अपने बच्चों की चिंता है, लेकिन बिहार के आम युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीरता नहीं दिखती।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🏠
Home
🎬
मनोरंजन
💰
धन
🌦️
मौसम
📢
Latest News
×
Scroll to Top