चॉइस ब्रोकिंग ने भारतीय फार्मा कंपनियों पर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन कंपनियों की कमाई और मुनाफा दोनों अच्छे रहेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, फार्मा कंपनियों की औसतन 13.1% तक रेवेन्यू बढ़ने की उम्मीद है और ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA में लगभग 20.4% की बढ़ोतरी हो सकती है। इसकी वजह है भारत में दवाओं की ज्यादा मांग, अमेरिका और यूरोप जैसे बाजारों में नए प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग और सस्ती दवाओं की सप्लाई।
किन शेयरों पर है क्या रेटिंग?
रिपोर्ट में कुछ शेयरों पर ‘Buy’ यानी खरीदने की सलाह दी गई है और कुछ पर ‘Hold’ या ‘Sell’ की। नीचे कुछ प्रमुख शेयरों की जानकारी दी गई है:
| कंपनी | मौजूदा कीमत (INR) | टारगेट प्राइस (INR) | संभावित रिटर्न | रेटिंग |
|---|---|---|---|---|
| Ajanta Pharma | 2,507 | 3,667 | 46.27% | Buy |
| Alkem Labs | 4,837 | 4,186 | -11% | Sell |
| Cipla | 1,432 | 1,865 | 30% | Buy |
| Concord Biotech | 1,593 | 2,027 | 27% | Buy |
| Divi’s Labs | 5,395 | 6,983 | 29% | Buy |
| Dr. Reddy’s | 1,110 | 1,377 | 24% | Hold |
| Glenmark Pharma | 1,445 | 1,671 | 16% | Buy |
| Granules India | 445 | 623 | 40% | Hold |
| IPCA Labs | 1,365 | 1,478 | 8% | Hold |
| Lupin | 1,985 | 2,540 | 28% | Buy |
| Marksans Pharma | 210 | 309 | 47% | Buy |
| Piramal Pharma | 221 | 315 | 42% | Buy |
| Sun Pharma | 1,691 | 2,200 | 30% | Buy |
| Zydus Lifesciences | 860 | 1,240 | 44% | Buy |
सेगमेंट के हिसाब से हालात
- भारत: डायबिटीज, हार्ट और कैंसर की दवाएं अच्छी ग्रोथ दिखा रही हैं। डॉ रेड्डी की न्यूट्रास्यूटिकल दवाएं और Glenmark की Glempa व Zydus की IBYRA जैसे नए लॉन्च से बाजार में पकड़ मजबूत हो रही है।
- अमेरिका: कुछ चुनौतियां हैं जैसे gRevlimid की बिक्री में कमी, लेकिन Lupin की Valsartan और Cipla की Nilotinib जैसी नई दवाओं से इनका असर कम होगा।
- यूरोप और उभरते बाजार: कम कीमत वाली दवाओं और मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन से यहां भी ग्रोथ बनी रहेगी।
- API: अमेरिका में कीमतें घट रही हैं लेकिन कैंसर से जुड़ी खास APIs पर ध्यान देने से रेवेन्यू में मदद मिलेगी।
- CDMO: ग्लोबल कंपनियां अब भारत से दवाएं बनवाने में ज्यादा रुचि दिखा रही हैं। इसी वजह से Divi’s Labs, Piramal Pharma और Laurus Labs जैसी कंपनियां अपने प्लांट बढ़ा रही हैं।
- Biosimilars: Glenmark, Zydus और Alkem जैसी कंपनियां इस सेक्टर में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं।
अमेरिका में टैक्स का खतरा, लेकिन असर सीमित
अमेरिका में ट्रंप सरकार के दूसरे कार्यकाल में चीन पर भारी टैक्स लगाए गए हैं, जिससे भारत को फायदा मिल सकता है। हालांकि अगर भारत पर भी टैक्स लगे तो असर बहुत ज्यादा नहीं होगा। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियां अमेरिका की 40% जेनरिक दवाओं की सप्लाई करती हैं, जो उन्हें मजबूत स्थिति में रखती है। कंपनियां अगर चाहें तो लागत में थोड़ा हिस्सा खुद उठाकर बाकी ग्राहकों पर डाल सकती हैं। इससे मुनाफे पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
निवेशकों के लिए क्या मतलब है?
चॉइस ब्रोकिंग की रिपोर्ट कहती है कि फार्मा सेक्टर फिलहाल अच्छी स्थिति में है। जिन कंपनियों की दवाएं अमेरिका और यूरोप में बिक रही हैं, वो आने वाले समय में और मुनाफा कमा सकती हैं। ऐसे में यह सेक्टर निवेश के लिए एक मजबूत विकल्प बनता जा रहा है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। निवेश से पहले खुद या वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
First Published – April 9, 2025 | 7:47 PM IST