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अररिया जिले में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की है। आरएस थाना में तैनात मुंशी पीटीसी सुमित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर शो-कॉज नोटिस जारी कर विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई जनता दरबार में मिली एक शिकायत के आधार पर की गई। धामा वार्ड संख्या 06 की एक महिला आवेदिका ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके साथ मारपीट हुई थी। जब वह इस घटना की प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने आरएस थाना पहुंची, तो मुंशी सुमित कुमार ने उससे 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। रिश्वत देने से इनकार करने पर किया परेशान महिला के अनुसार, जब उसने रिश्वत देने से इनकार किया, तो मुंशी ने उसे लगभग पांच दिनों तक थाने के चक्कर कटवाए और परेशान किया। इसके बावजूद उसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। पीड़िता ने अंततः एसपी के समक्ष उपस्थित होकर पूरी घटना का विस्तृत ब्योरा दिया। एसपी जितेंद्र कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह खेदजनक है कि एक पुलिसकर्मी जनता की मदद करने के बजाय रिश्वत मांगकर अपने दायित्वों से मुंह मोड़ रहा है। उन्होंने मुंशी सुमित कुमार के आचरण को अनुशासनहीन, कर्तव्यहीन और मनमाना बताया, जो पुलिस पदाधिकारी के दायित्वों के पूरी तरह विपरीत है। SP ने शो-कॉज नोटिस किया जारी एसपी ने जोर दिया कि ऐसा व्यवहार पुलिस नियमावली का स्पष्ट उल्लंघन है और इससे पुलिस की छवि और विश्वसनीयता को गंभीर क्षति पहुंचती है। तत्काल कार्रवाई करते हुए एसपी ने मुंशी को निलंबित कर दिया और शो-कॉज नोटिस जारी किया। विभागीय जांच जारी है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर कड़ी सजा दी जाएगी। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और जनता के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जनता दरबार के माध्यम से आम लोगों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। यह कार्रवाई अररिया पुलिस की छवि सुधारने और जनता का विश्वास मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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